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यिप्तह के द्वारा विजय -- डॉ. जे सैमुएल सुधाकर

आज के लिए अनुच्छेद : 'यहोवा ने उनको उसके हाथ में कर दिया'। न्यायियों 11:32

यिप्तह अपने भाइयों द्वारा त्याग दिया गया क्योंकि वह एक वेश्या का पुत्र था, लेकिन वह एक शक्तिशाली योद्धा था। जब अम्मोनियों ने इस्राएल के विरुद्ध युद्ध किया, तो गिलाद के प्राचीनों ने यिप्तह को विनती करने के लिए गए की वह अम्मोनियों के विरुद्ध लड़ने के लिए अपने नेता बने। उन्होंने उन्हें अपने नेता बना दिया। यिप्तह परमेश्वर की उपस्थिति में गया और उसने एक शपथ लिया और अम्मोनियों के बच्चों पर विजय की मांग की। यहोवा ने शपथ और उसकी प्रार्थना सुनी। यहोवा ने उन्हें उनके हाथों में सौंप दिया।

परमेश्वर के प्रिय बच्चे, हो सकता है कि आपको आपके प्रियजनों ने त्याग दिये हैं क्योंकि उनकी अपेक्षित वस्तुएं आपसे उन्हें प्राप्त नहीँ हुई। परन्तु जब तुम अपने पूरे दिल से यहोवा की ओर देखते हो , तो वही लोग जो तुम्हें तुच्छ जाना, तुम्हारे पास आएंगे, क्योंकि परमेश्वर का आत्मा तुम्हारे ऊपर है। यहोवा केवल तुम्हारे माध्यम से ही जीत दिलाएगा।

परमेश्वर का आत्मा आप पर है क्योंकि आपने परमेश्वर के सम्मुख अपने आप को नम्र किया है और आपने यीशु का अनुसरण करने का फैसला किया है। प्रिय परमेश्वर के बेटे और की बेटियाँ, आप एक उपेक्षित पत्थर हो सकते हैं, लेकिन आप के साथ परमेश्वर होने के कारण एक मुख्य आधारशिला बन जाओगे। जब आपके पास पैसा और ख्याति है तो कई लोग आपके चारों ओर भीड़ लगाएंगे लेकिन जब आपके पास कुछ भी नहीं है, तो आपको अनदेखी करेंगे। आज, इनसान आपको अपनी संपत्ति, पदवी और शक्ति के कारण आदर करता है। यदि आपके पास ये चीजें नहीं हैं तो आपको कोई नहीं चाहता है।

लेकिन आज, यदि आपके जीवन में यीशु हैं, भले ही दुनिया तुम्हारे विरुद्ध उठेगी, लेकिन समय आएगा कि यहोवा आपके द्वारा उद्धार की योजना बना देगा। इसलिए, प्रभु में दृढ़ रहें।

प्रार्थना : यहोवा, मैं तुझ पर भरोसा करता हूं और कभी लज्जित नहीं होऊँगा। आमीन।


विचार : जब हम यहोवा पर भरोसा रखते हैं तो हम जयवंत होते हैं।


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